Jamun Seeds for Diabetics- How to make Jamun Seeds powder at home in Hindi

How to make Jamun Seeds powder at home in Hindi

Looking for Jamun seeds benefits and how to make Jamun seeds powder at home in Hindi? Here we are with simple and easy method to make Jamun seed powder at home in Hindi. आइये जानते हैं की घर पर जामुन के बीज का पाउडर कैसे बनाये.

Health Benefits of Jamun fruit and Seeds

जामुन (Java Plum) को हमेशा से ही मधुमेह (Diabetes) से लड़ने में सहायक माना गया हैं, यह एक ऐसा फल हैं जिसके बीज में भी बहुत से औषधीय लाभ है। जामुन पेट दर्द, दस्त, हृदय रोग, अस्थमा और गठिया के इलाज में भी प्रभावी हैं। जामुन एक सदाबहार उष्णकटिबंधीय पेड़ है, जो भारत, बांग्लादेश और इंडोनेशिया के मूल रूप से पाया जाता है। जामुन के बीजों को विशेष रूप से पाचन रोगों एवं मधुमेह के इलाज के लिए आयुर्वेद, यूनानी और चीनी दवा जैसे विभिन्न वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों में उपयोग किया जाता रहा है। आइये जानते हैं की जामुन के बीजों को मधुमेह के इलाज के लिए इतना खास क्या बनाता है एवं जामुन के बीजों को मधुमेह के इलाज के लिए किस प्रकार उपयोग किया जा सकता हैं।

जामुन के बीज और फल दोनों में ही जंबोलिन और जंबोसिन (jamboline and jambosine) नाम का पदार्थ होता है जो रक्त में चीनी के स्तर को धीमा कर देता है। जामुन के बीज इंसुलिन की मात्रा को भी बढ़ाते हैं। प्रभावी परिणामों के लिए जामुन को नाश्ते में खाना सबसे अच्छा है। जामुन के बीजों का पाउडर बनाकर इसे भोजन से पहले नियमित रूप से खाना भी मधुमेह रोगी के लिए लाभकारी हैं। आयुर्वेद के अनुसार, जामुन के बीज मधुमेह की दवाओं का एक अहम् हिस्सा हैं। जामुन फल और जामुन पत्तियां भी मधुमेह रोगी के लिए एक वरदान हैं। जामुन स्टार्च को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है और आपके रक्त शर्करा के स्तर पर नज़र भी रखता है। गर्मियों के मौसम में मधुमेह रोगियों को नियमित रूप से जामुन खाना चाहिए। यह मधुमेह के लक्षणों जैसे लगातार पेशाब और बार-बार प्यास लगना जैसे लक्षणों को कम कर देता है।

How to make Jamun Seeds powder- घर पर जामुन के बीज का पाऊडर कैसे बनाये

जामुन के बीज का पाऊडर बानाने के लिए, साफ़ जामुन को प्लेट में रखकर, अपनी अंगुलियों की मदद से फल का गूदा अलग कर ले, और एक कंटेनर में स्टोर करें इसका आप जूस या जैम बना सकते हैं और चाहे तो ऐसे भी खा सकते हैं।

बीजों को अच्छी तरह से धोएं, और एक साफ कपड़े पर फैलाकर सूखने के लिए धूप में रख दे। इन्हे सूखने में लगभग तीन से चार दिन लगते हैं। जब बीज सूख जाये तो उनका बाहरी खोल छील ले और अंदर के हरे रंग भाग को इकट्ठा कर ले। बीज के हरे भाग को अपनी उंगलियों से दबाकर तोड़ ले, उन्हें एक बार फिर सूखने के लिए धुप में रख दे।

दो से तीन दिन बाद , सूखे बीजों को एक ग्राइंडर में ग्राइंड करके उनका पाउडर बना लें। आप को एक बार ग्राइंड करने से थोड़ा मोटा पाउडर मिलेगा, इस पाउडर को एक चलनी से छान ले. बाकी बचे पाउडर को दुबारा ग्राइंड करे और दुबारा चलनी से छान ले. यह विधि तब तक दोहराए जब तक आपको अधिक से अधिक मात्रा में महीन पाउडर ना मिल जाए। एक एयरटाइट कंटेनर में पाउडर को स्टोर करें और जब चाहें इसका इस्तेमाल करें।

रोज सुबह एक खाली पेट एक गिलास पानी और एक चम्मच जामुन बीज पाउडर का सेवन निश्चय ही आपको लाभ पहुंचाएगा। मधुमेह से लड़ने की किसी भी विधि का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना हमेशा अच्छा विकल्प होता है।

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